APA (7 वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Zech, P., & Wolter, M. (1976). Die Häuser haben Augen aufgetan: Ausgewählte Gedichte (1. Auflage.). Aufbau-Verlag.

शिकागो शैली (17वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Zech, Paul, और Manfred Wolter. Die Häuser Haben Augen Aufgetan: Ausgewählte Gedichte. 1. Auflage. Berlin ; Weimar: Aufbau-Verlag, 1976.

एमएलए (8वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Zech, Paul, और Manfred Wolter. Die Häuser Haben Augen Aufgetan: Ausgewählte Gedichte. 1. Auflage. Aufbau-Verlag, 1976.

चेतावनी: ये उद्धरण हमेशा 100% सटीक नहीं हो सकते हैं.