Kritik und Selbstkritik : Eine dialektische Gesetzmäßigkeit in der Entwicklung der Sowjetgesellschaft
मुख्य लेखक: | |
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अन्य लेखक: | |
स्वरूप: | पुस्तक |
भाषा: | German |
प्रकाशित: |
Berlin :
Kultur & Fortschritt,
o. J.
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संस्करण: | 4. Auflage, (81.-150. Tausend) |
विषय: | |
अंतर्वस्तु / टुकड़े: | 1 अभिलेख |
वस्तु वर्णन: | Aus dem Russischen |
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भौतिक वर्णन: | 61 S. |
बोधानक: | D 023 |