Wie konnte es geschehen : Auszüge aus den Tagebüchern und Bekenntnissen eines Kriegsverbrechers
अन्य लेखक: | |
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स्वरूप: | पुस्तक |
भाषा: | German |
प्रकाशित: |
Berlin :
Verlag J. H. W. Dietz Nachf. GmbH
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संस्करण: | 3. Auflage, 201.-350. Tausend |
विषय: | |
अंतर्वस्तु / टुकड़े: | 2 अभिलेख |
भौतिक वर्णन: | 136 S. : mit 1 Frontispitz |
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बोधानक: | D 343 |